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A great conversation between a yogi and devotee

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 Devotee : _"Swamiji, who is the founder of Christianity?"_ Swami Chinmayananda : _"Jesus"_ Devotee : _"Who is the founder of Islam?"_ Swami Chinmayananda : _"Mohammed"._ Devotee : _"Who is the founder of Hinduism?"_ Swami Chinmayananda : _"................."_ Devotee : _"What Swamiji, your religion doesn't have a founder?"_ Swami Chinmayananda : _"There is no one particular founder for Hinduism as its not an outcome of one personality's knowledge._ _Let me put the same question to you. Who is the founder of Chemistry? Physics?_ _You cannot answer, because these are sciences which had contributions from plenty of scientists._ _In Hinduism, our Rishis were the scientists"._ Devotee : "..." Swami Chinmayananda : _"If you ask a Christian to give book on Christianity, he gives you Bible._ _If you ask a Muslim to give book on Islam, he gives you Quran._ _Bu...

नंदी_के_कान में क्यों बोली जाती है मनोकामना? जानिए इसके पीछे का रहस्य

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जब भी हम किसी शिव_मंदिर जाते हैं तो अक्सर देखते हैं कि कुछ लोग  शिवलिंग_के_सामने_बैठे_नंदी_के_कान में अपनी मनोकामना कहते हैं ये एक परंपरा बन गई है इस परंपरा के पीछे की वजह एक मान्यता है आज हम आपको उसी के बारे में बता रहे हैं, जो इस प्रकार है.. मान्यता है जहां भी शिव_मंदिर होता है,  वहां नंदी_की_स्थापना भी जरूर की जाती है क्योंकि नंदी भगवान_शिव के परम_भक्त हैं जब भी कोई व्यक्ति शिव मंदिर में आता है तो वह नंदी के कान में अपनी मनोकामना कहता है इसके पीछे मान्यता है कि भगवान_शिव_तपस्वी हैं और वे हमेशासमाधि में रहते हैं ऐसे में उनकी समाधि और तपस्या में कोई विघ्न ना आए इसलिए नंदी ही हमारी मनोकामना शिवजी तक पहुंचाते हैं इसी मान्यता के चलते लोग नंदी को लोग अपनी मनोकामना कहते हैं,, शिव के ही अवतार हैं नंदी:- #शिलाद नाम के एक मुनि थे,  जो #ब्रह्मचारी थे #वंश समाप्त होता देख उनके पितरों ने उनसे संतान उत्पन्न करने को कहा  शिलाद मुनि ने संतान भगवान शिव की प्रसन्न कर अयोनिज और #मृत्युहीन पुत्र मांगा भगवान शिव ने शिलाद मुनि को ये वरदान दे दिया एक दिन जब शिलाद मुनि #भूमि_जोत रहे थे, ...

समयसूचक AM और PM की उत्पत्ति भारत से हुई।

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समयसूचक AM और PM का उद्गम भारत ही था। पर हमें बचपन से यह रटवाया गया, विश्वास दिलवाया गया कि इन दो शब्दों AM और PM का मतलब होता है : AM : एंटी मेरिडियन (ante meridian) PM : पोस्ट मेरिडियन (post meridian) एंटी यानि पहले, लेकिन किसके?  पोस्ट यानि बाद में, लेकिन किसके? यह कभी साफ नहीं किया गया, क्योंकि यह चुराये गये शब्द का लघुतम रूप था। हमारी प्राचीन संस्कृत भाषा ने इस संशय को अपनी आंधियों में उड़ा दिया और अब, सब कुछ साफ-साफ दृष्टिगत है। कैसे?  देखिये... AM = आरोहनम् मार्तण्डस्य Aarohanam Martandasya PM = पतनम् मार्तण्डस्य Patanam Martandasya ---------------------------- सूर्य, जो कि हर आकाशीय गणना का मूल है, उसीको गौण कर दिया। अंग्रेजी के ये शब्द संस्कृत के उस 'मतलब' को नहीं इंगित करते जो कि वास्तव में है। आरोहणम् मार्तण्डस्य Arohanam Martandasaya यानि सूर्य का आरोहण (चढ़ाव)। पतनम् मार्तण्डस्य Patanam Martandasaya यानि सूर्य का ढलाव। दिन के बारह बजे के पहले सूर्य चढ़ता रहता है - 'आरोहनम मार्तण्डस्य' (AM)। बारह के बाद सूर्य का अवसान/ ढलाव होता है - 'पतनम मार्त...